राजस्थान में बुजुर्गों को घर बैठे मुफ्त दवाएं: सरकार जल्द शुरू करेगी Door Step Delivery योजना
राजस्थान सरकार बुजुर्गों के लिए बड़ी सुविधा शुरू करने जा रही है। नई राजस्थान दवा होम डिलीवरी योजना के तहत पेंशनर्स और बाद में 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को घर बैठे मुफ्त दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। सरकार के दो साल पूरे होने या नए साल की शुरुआत में इस योजना की आधिकारिक घोषणा संभव है।
पहले चरण में यह सुविधा राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) के अंतर्गत आने वाले चार लाख से ज्यादा पेंशनधारियों को दी जाएगी। सफल होने पर इसे पूरे प्रदेश में बुजुर्गों के लिए लागू करने की तैयारी है।
सरकार ने योजना को क्यों शुरू किया?
बुजुर्गों को दवाएं लेने के लिए अस्पतालों में लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता है। कई बार भीड़ और दूरी के कारण समय पर दवा हासिल करना मुश्किल हो जाता है।
इसी समस्या को देखते हुए राजस्थान सरकार ने राजस्थान दवा होम डिलीवरी योजना शुरू करने का निर्णय लिया, ताकि:
-
बुजुर्गों को समय पर दवाएं मिल सकें
-
अस्पतालों का दबाव कम हो
-
गंभीर बीमारी वाले मरीजों को बार-बार अस्पताल ना जाना पड़े
-
पूरी प्रक्रिया डिजिटल और सरल हो
कैसे मिलेगी घर बैठे दवा की सुविधा?
इस योजना के तहत सारी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी, ताकि बुजुर्गों को कुछ भी ऑफलाइन करने की जरूरत ना पड़े।
1️⃣ पेंशनर्स को पोर्टल पर लॉगिन करना होगा
-
पोर्टल पर डोर स्टेप डिलीवरी का विकल्प मिलेगा
-
भविष्य में इसके लिए एक मोबाइल ऐप भी लाया जा सकता है
2️⃣ डॉक्टर की पर्ची को पोर्टल पर अपलोड करना होगा
जब मरीज OPD में दिखाता है, तो उसकी पर्ची ऑनलाइन उपलब्ध होगी।
इसे अपलोड करने के बाद दवा की मांग (Request) भेजनी होगी।
3️⃣ चयनित एजेंसी दवा आपके घर पहुंचाएगी
टेंडर के माध्यम से दवा सप्लाई करने वाली एजेंसी चुनी जाएगी।
यहीं से आपके क्षेत्र के रजिस्टर्ड मेडिकल स्टोर दवा भेजेंगे।
4️⃣ दवा तेजी से डिलीवर करने के लिए पूरा डेटा लिया जाएगा
एजेंसी को उपलब्ध कराया जाएगा:
-
नाम
-
पता
-
पिनकोड
-
मोबाइल नंबर
ताकि दवाएं सही समय पर पहुंच सकें।
पहले किन शहरों में शुरू होगी सुविधा?
शुरुआत बड़े शहरों से होगी:
-
जयपुर
-
जोधपुर
-
कोटा
-
उदयपुर (संभावित)
यह एक पायलट प्रोजेक्ट होगा। सफलता के बाद इसे पूरे राजस्थान में लागू किया जाएगा।
लाभ गंभीर मरीजों को भी मिलेगा
कुछ बीमारियां ऐसी हैं जिनमें मरीज को महीने-दर-महीने दवाओं की जरूरत होती है।
पहले चरण में इन मरीजों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा—
-
डायबिटीज (शुगर)
-
हृदय रोगी
-
किडनी रोगी
यदि दवा में कोई बदलाव नहीं किया गया है, तो बार-बार अस्पताल जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
हर महीने दवाइयां ऑटो-रिक्वेस्ट पर घर भेजी जाएंगी।
70 वर्ष से अधिक बुजुर्गों को कब मिलेगा लाभ?
सरकार का लक्ष्य है कि पेंशनर्स को सुविधा देने के बाद जल्द ही योजना को सभी बुजुर्गों तक पहुंचाया जाए।
इसके लिए तमिलनाडु का राशन होम-डिलीवरी मॉडल स्टडी किया जा रहा है।
इस मॉडल में:
-
सरकारी एजेंसी
-
घर-घर जाकर राशन/दवा पहुंचाती है
-
डेटा प्रबंधन बेहतरीन तरीके से किया जाता है
राजस्थान में दवा डिलीवरी के लिए भी इसी तरह की प्रणाली अपनाई जाएगी।
डोर स्टेप डिलीवरी सिस्टम क्या होता है?
डोर स्टेप डिलीवरी का मतलब — दवाइयां सीधे आपके घर के दरवाजे तक पहुंचाना।
इसमें आपको:
-
मेडिकल स्टोर तक जाने की जरूरत नहीं
-
किसी OPD या हॉस्पिटल में लाइन में लगने की जरूरत नहीं
-
बुजुर्गों और गंभीर मरीजों के लिए यह सबसे बड़ी राहत है
योजना कब तक लागू हो सकती है?
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार:
-
योजना की तैयारी तेज़ी से चल रही है
-
कमेटी एक सप्ताह में रिपोर्ट दे देगी
-
इसके बाद एजेंसी चयन प्रक्रिया (Tender) शुरू होगी
-
दिसंबर के अंत या जनवरी 2026 की शुरुआत में योजना लागू हो सकती है
यानी कि राजस्थान दवा होम डिलीवरी योजना जल्द ही पूरे प्रदेश में शुरू होने वाली है।
इस योजना के मुख्य फायदे (Benefits)
✔ बुजुर्गों को दवाएं घर बैठे मिलेंगी
✔ लंबी कतारों में लगने से छुटकारा
✔ डिजिटल और आसान प्रक्रिया
✔ गंभीर बीमार मरीजों को बड़ी राहत
✔ चिकित्सा व्यवस्था में सुधार
✔ ग्रामीण क्षेत्रों में दवाएं पहुंचने में आसानी
✔ सरकारी खर्च कम और व्यवस्था पारदर्शी
निष्कर्ष
राजस्थान सरकार की यह नई पहल बुजुर्गों और पेंशनर्स के लिए बेहद लाभकारी साबित होने वाली है।
राजस्थान दवा होम डिलीवरी योजना लागू होने के बाद लाखों लोगों को समय पर दवाएं मिलेंगी और उन्हें अस्पतालों की भीड़ से छुटकारा मिलेगा।
यह योजना राजस्थान को डिजिटल हेल्थ सर्विसेज के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल कर सकती है।

