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जोधपुर: कुड़ी भगतासनी थाने में वकीलों और पुलिस के बीच बड़ा विवाद, वीडियो वायरल—हड़ताल की चेतावनी

जोधपुर: कुड़ी भगतासनी थाने में वकीलों और पुलिस के बीच बड़ा विवाद, वीडियो वायरल—हड़ताल की चेतावनी

जोधपुर के कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड थाने में वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच हुआ विवाद अब तूल पकड़ चुका है।
सोमवार देर रात इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

वीडियो में देखा जा सकता है कि
थाने में थानाधिकारी और वकीलों के बीच तीखी बहस,
धक्का-मुक्की,
और 151 में बंद करने की धमकी जैसे दृश्य स्पष्ट सुनाई दे रहे हैं।


धरने पर बैठे वकील – थानाधिकारी को सस्पेंड करने की मांग

विवाद बढ़ने के बाद जोधपुर के वकील संगठन देर रात ही थाने के बाहर धरने पर बैठ गए।
धरना मंगलवार सुबह तक जारी रहा।

एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष रणजीत जोशी ने कहा—

“थानाधिकारी ने वकीलों से दुव्र्यवहार किया है।
उन्हें तुरंत सस्पेंड किया जाए और अन्य दोषी पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई हो।”

वकीलों का कहना है कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।


एडीसीपी की समझाइश, पर वकील अड़े

एडीसीपी (पश्चिम) रोशन मीणा रातभर वकीलों से बात करते रहे,
लेकिन वकील अपनी मांगों पर अड़े रहे।

सूत्रों के अनुसार, एक समय ऐसा भी आया जब
पुलिस प्रशासन एसएचओ को सस्पेंड करने पर सहमत दिखा,
लेकिन अंतिम निर्णय दोनों बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के पास था,
जिसके चलते फैसला टल गया।


पुलिस का देर रात 1:15 बजे आधिकारिक स्पष्टीकरण

विवाद पर रात 1:15 बजे पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने बयान जारी किया।
पुलिस का कहना है—

घटना उस समय शुरू हुई जब एडवोकेट भरतसिंह राठौड़ और एक महिला साथी वकील
दुष्कर्म मामले में पीड़िता की ओर से पुलिस से आरोपी की गिरफ्तारी की मांग करने पहुंचे थे।

वकीलों ने आरोप लगाया कि
एक पुलिसकर्मी बिना वर्दी के बयान ले रहा था,
जिस पर उन्होंने आपत्ति जताई।

इस पर माहौल गरम हो गया।


वायरल वीडियो में क्या दिखा?

वायरल वीडियो में थानाधिकारी की आवाज सुनाई देती है—

वकीलों का आरोप है कि
थानाधिकारी ने भरतसिंह राठौड़ को धक्का दिया
और 151 में बंद करने का निर्देश भी दिया।

वीडियो में वकील कहते सुने जाते हैं—

“आप वर्दी में नहीं हैं और ऊपर से दादागिरी कर रहे हैं। ये वीडियो सब देखेंगे।”


वकील संगठनों की आपात बैठक – 2 दिसंबर को न्यायिक कार्य बहिष्कार

घटना के बाद राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन
और राजस्थान हाईकोर्ट लॉयर्स एसोसिएशन ने संयुक्त बैठक की।

दोनों एसोसिएशनों ने घोषणा की—

यदि कार्रवाई नहीं हुई,
तो आंदोलन को और बड़ा करने की चेतावनी भी दी गई है।


बार संघों का रुख—पीड़िता के साथ खड़े हैं

वकीलों ने कहा है कि वे
दुष्कर्म पीड़िता को न्याय दिलाने की लड़ाई जारी रखेंगे।

धरने, हड़ताल और प्रस्तावित रैली के कारण
मामला अब और ज्यादा गंभीर होता दिख रहा है।

पुलिस प्रशासन की अगली आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

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