कोटा कांग्रेस कमेटी(Kota Congress Committee) ने शनिवार देर शाम शहर और ग्रामीण जिलाध्यक्षों की आधिकारिक घोषणा कर दी। शहर जिला अध्यक्ष के लिए राखी गौतम का नाम फाइनल किया गया है, जो इससे पहले दो बार कोटा दक्षिण से विधानसभा चुनाव भी लड़ चुकी हैं। वहीं ग्रामीण का नेतृत्व भानुप्रताप सिंह के पास ही बरकरार रखा गया है। उनकी नियुक्ति के बाद दोनों जिलों में नई राजनीतिक हलचल शुरू हो गई है।
सोशल मीडिया पर नाराजगी, दावेदारों ने जताई उम्मीद
लिस्ट जारी होने के बाद पार्टी में विरोध के सुर भी उभरकर सामने आए। हालांकि किसी नेता ने खुलकर बयान नहीं दिया, लेकिन कई दावेदार नेताओं ने सोशल मीडिया पर अपने दर्द और उम्मीदें साझा कीं।
क्रांति तिवारी, जो पायलट समर्थक माने जाते हैं, ने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि उन्हें इस बार पार्टी से गहरी उम्मीद थी। उनकी पोस्ट से नाराजगी साफ झलक रही है।
राखी गौतम—दो बार चुनाव लड़ चुकीं, साफ छवि और मजबूत पकड़
राखी गौतम वर्तमान में पीसीसी महासचिव हैं और इससे पहले प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष भी रह चुकी हैं।
उनका गहलोत और पायलट दोनों खेमों में अच्छा प्रभाव माना जाता है, हालांकि वे पायलट समर्थक गुट के करीब मानी जाती हैं।
2018 के चुनाव में उन्होंने भाजपा के गढ़ माने जाने वाले कोटा दक्षिण से चुनाव लड़ा था और भाजपा प्रत्याशी संदीप शर्मा को कड़ी चुनौती दी थी।
वह चुनाव जीत नहीं सकीं, लेकिन हार का अंतर 10 हजार से कम लाकर पार्टी को मजबूत किया।
युवा कार्यकर्ताओं का बड़ा सपोर्ट बेस उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
राखी गौतम को कमान दिए जाने के राजनीतिक मायने
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उनकी साफ छवि और संगठन में सक्रियता
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भाजपा के मजबूत क्षेत्र में लगातार प्रभाव
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किसी तरह का बड़ा विवाद नहीं
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गुटबाजी से दूर रहने वाली नेता की छवि
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युवा कार्यकर्ताओं में लोकप्रियता
इन सभी कारणों से पार्टी ने शहर संगठन की जिम्मेदारी राखी गौतम को सौंपने का फैसला किया।
ग्रामीण कांग्रेस में भी स्थिरता—भानुप्रताप सिंह पर फिर भरोसा
ग्रामीण जिलाध्यक्ष पद पर भानुप्रताप सिंह को फिर से नियुक्त किया गया है।
वे इससे पहले सांगोद से विधानसभा चुनाव मैदान में उतर चुके हैं।
हालांकि चुनाव में उन्हें हीरालाल नागर से हार का सामना करना पड़ा था।
भानुप्रताप ने नियुक्ति के बाद कहा कि कोटा ग्रामीण में कोई गुटबाजी नहीं है और सभी वरिष्ठ नेताओं के मार्गदर्शन में संगठन को मजबूत बनाया जाएगा।
कौन-कौन दौड़ में थे?
शहर जिलाध्यक्ष पद के लिए कई दावेदार सामने थे—
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रविंद्र त्यागी
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शिवकांत नंदवाना
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अनूप ठाकुर
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क्रांति तिवारी
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संजय यादव
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पूनम गोयल
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बृजेश नीटू
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किशोर मदनानी
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दिनेश जोशी
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राखी गौतम
कोटा में निरीक्षकों के दौरे के दौरान गुंजल और धारीवाल गुटों के बीच हंगामा भी देखने को मिला था।
भाजपा से कांग्रेस में आए प्रहलाद गुंजल का समर्थन बृजेश नीटू के साथ माना जा रहा था, लेकिन अंतिम लिस्ट ने सभी को चौंका दिया।
निष्कर्ष
कोटा कांग्रेस की नई टीम सामने आ चुकी है और इन नियुक्तियों के साथ शहर और ग्रामीण दोनों स्तरों पर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
राखी गौतम और भानुप्रताप सिंह दोनों की नियुक्ति पार्टी के लिए अगले चुनावों की दिशा तय कर सकती है।

